उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक रूट को 15 अप्रैल से पर्यटक, ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों के लिए खोल दिया जाएगा. ऐसे में 15 अप्रैल से 15 जून 2026 तक पर्यटकों के भ्रमण, ट्रेकिंग और अभियानों के लिए खुला रहेगा.
बागेश्वर जिला पर्यटन विकास अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक को पर्यटकों के लिए व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. ट्रेक मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं, समन्वय एवं पर्यटकों के मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था जुटा ली गई है. ताकि, पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके.
बता दें कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पिंडारी ग्लेशियर अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और रोमांचकारी अनुभवों के लिए विख्यात है. जहां हर साल देश और विदेश से काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. यहां बर्फीली चोटियों के साथ ग्लेशियर के दीदार होते हैं. साथ ही यहां की मखमली घास की मैदान यानी बुग्याल भी पर्यटकों को खूब लुभाते हैं.
ट्रेकिंग के लिए पर्यटकों का पंजीकरण बागेश्वर वन प्रभाग के हिचोड़ी और जैकुनी इको टूरिज्मपंजीकरण केंद्रों में किया जाएगा. दुर्गम भूभाग एवं अनिश्चित मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पंजीकरण केंद्रों पर 24 घंटे वन कर्मियों की तैनाती की गई है. ताकि, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
वहीं, ग्लेशियर क्षेत्र को प्लास्टिक एवं ठोस अपशिष्ट से मुक्त बनाए रखने के मकसद से पर्यटकों से एफडीआर (सुरक्षा धनराशि) जमा कराई जाएगी, जिसे ट्रेकिंग के दौरान निकले कचरे को निर्धारित स्थान पर हुई जमा कराने के बाद वापस किया जाएगा. कचरा प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण पर खास फोकस किया जा रहा है.
प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे ट्रेकिंग के दौरान प्लास्टिक या अन्य ठोस अपशिष्ट का कम से कम इस्तेमाल करें. कचरे को निर्धारित स्थलों पर ही जमा करे और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करते हुए इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में अपना सहयोग दें.
