इससे पहले पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स का असमिया ‘गमोसा’ से स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह नॉर्थ-ईस्ट, खासकर असम के लिए महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण है, क्योंकि महिलाएं इसे घर पर प्यार और लगन से बुनती हैं. पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि गेमिंग एक तरह ही स्किल है, लेकिन इसे सिर्फ मजे के लिए ना करें. हमें जुए को बढ़ावा देने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पढ़ाई, आराम, स्किल और शौक में बैलेंस बनाना चाहिए. यहीं ग्रोथ की चाबी है. पीएम ने कहा कि मैंने भी अपने काम करने के तरीको में कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन अपना कोर पैटर्न नहीं छोड़ा. पीएम मोदी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं, फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीकों से काम करने के लिए कहते हैं, सलाह सभी लोगों की लें, लेकिन वही करें जो आपको सबसे अच्छा लगे. आखिरी लक्ष्य किसी एग्जाम में रिजल्ट नहीं, बल्कि जिंदगी में हर तरह का विकास होना चाहिए.
छात्रों से पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई बोझ जैसी नहीं लगनी चाहिए. इसमें हमारा पूरा शामिल होना जरूरी है. टुकड़ों-टुकड़ों में पढ़ाई करने से सफलता पक्की नहीं होती. मार्क्स पर ध्यान देने के बजाय, हर किसी को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उन्होंने जिंदगी में कहां तक जगह बनाई है. उन्होने कहा कि हमें चीजें और घटनाएं तभी याद रहती हैं जब हम उनमें पूरी तरह शामिल होते हैं.
इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी लोगों को 6 फरवरी को परीक्षा पे चर्चा का स्पेशल एपिसोड देखने के लिए बुलाया था, और उन्हें ऐसी दिलचस्प बातचीत देखने के लिए बढ़ावा दिया जो भारत के युवाओं की सामूहिक भावना, उम्मीदों और आत्मविश्वास को दिखाती है. इस साल, प्रधानमंत्री ने गुजरात में देव मोगरा, तमिलनाडु में कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ में रायपुर, असम में गुवाहाटी और नई दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग सहित कई जगहों से एग्जाम वॉरियर्स के साथ इंटरैक्टिव सेशन किए.
पीएम मोदी ने कहा कि मैं पीछे मुड़कर नहीं देखता कि क्या बीत गया, मैं हमेशा देखता हूं कि क्या आने वाला है. कई बार ऐसा होता है जब टीचर सिर्फ वही सिखाते हैं जो जरूरी है और आपको अच्छे नंबर लाने में मदद कर सकता है, लेकिन एक अच्छा टीचर हर तरह के विकास पर ध्यान देता है और सब कुछ सिखाता है. जिंदगी सिर्फ एग्जाम के बारे में नहीं है. शिक्षा सिर्फ हमारे विकास का एक जरिया है. एग्जाम कभी भी आखिरी लक्ष्य नहीं होना चाहिए. आखिरी लक्ष्य हर तरह का विकास है.
पीएम मोदी ने इसको लेकर सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जैसे-जैसे परीक्षाएं पास आ रही हैं, परीक्षा पे चर्चा भी वापस आ गया है! इस बार, यह चर्चा #ExamWarriors के साथ देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई.
यह कार्यक्रम हमेशा की तरह, अपने यंग दोस्तों के साथ बातचीत करना और स्ट्रेस फ्री एग्जाम और कई दूसरी चीजो पर बात करना ताजगी भरा होता है. आज 6 फरवरी को परीक्षा पे चर्चा 2026 (PPC 2026) एपिसोड जरूर देखें! कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी देशभर के स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स से बात करते हैं, बोर्ड और एंट्रेंस एग्जाम को शांत, कॉन्फिडेंट और स्ट्रेस-फ्री तरीके से कैसे करें, इस पर गाइडेंस देते हैं, साथ ही लर्निंग और पर्सनल ग्रोथ से जुड़े बड़े मुद्दों पर भी बात करते हैं. इस साल परीक्षा पे चर्चा 2026 डेवलपमेंट में एक अहम पड़ाव है, जो प्रधानमंत्री के विजन से आगे बढ़कर एक देशव्यापी मूवमेंट बन गया है, जिसमें ऐसा माहौल बनाने की बात है जहां हर बच्चे की इंडिविजुअलिटी को बिना किसी डर या प्रेशर के पहचाना, पोषित और बढ़ाया किया जाए.
इसकी बढ़ती पहुंच को दिखाते हुए, परीक्षा पे चर्चा 2026 (PPC 2026) के लिए 4.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने रजिस्टर किया, जबकि 2.26 करोड़ और लोगों ने अलग-अलग एक्टिविटीज में हिस्सा लिया, जिससे पूरे देश में कुल भागीदारी 6.76 करोड़ से ज्यादा हो गई.
